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वाशिंगटन। शोधकर्ताओं ने नए अध्ययन में कहा कि
चंद्रमा की उत्पत्ति एक खगोलीय पिंड के पृथ्वी से टकराने के बाद उत्पन्न
विशाल आग की लपटों से हुई। अपोलो अभियानों के जरिए चंद्रमा से लाई गई
मिट्टी और पत्थरों के अध्ययन से पता चला है कि इनमें भारी मात्रा में जस्ता
मौजूद है जिससे अरबों साल पहले चंद्रमा की उत्पत्ति का संकेत मिलता है।
चंद्रमा के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं हो सकता था क्योंकि वर्तमान की
तुलना में पहले यह पृथ्वी की परिक्र मा बहुत करीब से करता था जिससे तब यहां
कुछ-कुछ घंटे के अंतराल में ज्वार भाटा पैदा होते थे। इन ज्वारों से
तटरेखाओं पर लवणता में नाटकीय रूप से कमी या अधिकता होती थी जिसे अरबों साल
पहले डीएनए जैसे जैविक अणु ‘बायोमॉलीक्यूल’ की उत्पत्ति का जिम्मेदार माना
जाता है। शोधकर्ताओं के दल का नेतृत्व करने वाले वाशिंगटन विश्वविद्यालय
के डॉक्टर फ्रेडरिक मोयनियर ने कहा कि शोधकर्ताओं ने चंद्रमा की चट्टानों
के पत्थरों के 20 नमूनों और एक चंद्रक्षुद्रग्रह का अध्ययन किया। इनमें वह
पत्थर शामिल हैं जो अपोलो 11, 12, 15 और 17 अभियानों में लाए गए थे।
चंद्रमा से लाई गई मिट्टी और पत्थरों के अध्ययन से खुलासा : शोधकर्ता |
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